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Hundreds of labourers in Varanasi protest against biometric authentication for food rations

पाॅस मशीन के विरोध मे मजदूर पहुँचे तहसील पर


दिनांक 5/2/19 को पाॅस मशीन से राशन वितरण के विरोध मे मनरेगामजदूर यूनियन व महिला चेतना समिति संगठन के मजदूरो ने तहसील पर हुंकार भरी , जिसमे महिला चेतना समिति व मनरेगा संगठन के तत्वावधान मे 2 ब्लाक चोलापुर व चिरईगाॅव के 50 पंचायत सैकड़ों मजदूरों ने पिछले तीन महीने से राशन न मिलने या राशन वितरण मे कई तरह की समस्या आने पर तहसील का घेराव किया , जिसमें उनकी  निम्नलिखित मांगे रही अभी तक पंचायतों मे ग्रामवासियों को कोटेदार से राशन मिलता रहा है ,कहीं कहीं राशन वितरण मे दिक्कते आती थी तो जिले स्तर पर इसका निस्तारण हो जाता था, नवम्बर 2018 से राशन वितरण पाॅस मशीन द्वारा किया जा रहा है । इस पाॅस मशीन से कई तरह की समस्या आ रही है । जैसे --
हम छोटे मजदूर , किसान है हम खेतो मे काम करते है जिससे हमारे हाथो के निशान बनते बिगडते है जिससे अंगूठे के निशान का मिलान नही होने पर राशन नही मिल रहा है, दूरदराज  के गाँवो मे सरवर डाउन होने से नेटवर्क नही मिल रहा , नेटवर्क कमजोर होने के कारण वितरण व्यवस्था बाधित है राशन के लिए लम्बी लाईन लगानी पडती है , हम मजदूर साथी कई बार पुरा परिवार काम या मजदूरी  करने के लिए शहरों की ओर पलायन करते है , अगर तीन माह तक राशन नही लिया तो कार्ड डिलिट हो जायेगा व राशन नही मिलेगा , महिला के अंगूठा न मिलने पर बच्चों को भी अंगूठे का मिलान हेतु घंटों लाईन मे लगने हेतु स्कूल की शिक्षा से वंचित करना पड़ रहा है ,  कई लोगों के तो आधार मे ही निशान नही मिलते वह राशन कैसे लेंगे , पंचायत की अन्य मजरों से दूरी दो से पाॅच किलोमीटर है।महिला मुखिया होने के कारण महिलाएं ही राशन लेने जायेंगी कई बार आना जाना घंटो लाइन मे लगने से उन्हें ही अधिक परेशानी हो रही है।आदि समस्याओं से सम्बन्धित ज्ञापन तहसील पर एस डी एम को महिला चेतना समिति  से चमेला , रीता, आयशा, रेखा , व मनरेगा से गौतम , शीला ,रूख्शाना के अगुवाई मे दिया गया जिसपर अधिकारियों ने 15 दिन के अन्दर समस्या समाधान का आश्वासन दिया है यदि समस्या का हल नही होगा तो संगठनो द्वारा जिलास्तर फर विरोध प्रदर्शन किया जायेगा।जिसमें पुनम, नीति , कविता , सुबेदार , सोना , रामदुलार सहित सैकड़ों मजदूर साथियों की उपस्थिति रही।



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Workers protest against e-POS machine at Block Headquarters


Protest against the distribution of food rations using e-POS machines, on February 5, 2019, the workers of MNREGA Mazdoor Union and Mahila Chetna Samiti Sangathan from 50 Gram Panchayats from 2 Blocks - Cholapur and Chiraigaon - in Varanasi district expressed their grievances to the block administration. Until recently, villagers used to receive rations from the ration dealer, and when issues arose they were addressed by the district administration. However, since November 2018, rations have been distributed mandatorily through e-POS machines due to which many have either been denied rations or faced massive difficulties.

The workers expressed the following problems arising from use of the e-POS machine:
1) We are daily labourers, farmers who work in fields and because of our work, our fingerprints are not clear. We cannot receive rations when our fingerprints don't match (with the biometrics recorded in Aadhaar database);

2) Not connectivity is unavailable due to the far-flung nature of remote villages. If the network is weak, the distribution system is slow, and disbursing rations takes several hours

3) We work as casual labourers, sometimes the entire family migrates to cities to work. The machine requires a member to be physically present to do biometric authentication. Now the government has states that if the ration is not procured for three months, the ration card will be deleted and further food rations cannot not be received.

4) If the women cannot authenticate her fingerprints, children have to be deprived of school education in order to stand in queues and authenticate their fingerprints (since the villagehead is a woman, only women go to receive rations).

5) When no biometrics can be obtained, how will people get ration, given that the distance from other panchayats is two to five kilometers?

The memorandum related to the problems has been given to the SDM of the Tehsil by Rita, Ayesha, Rekha, on behalf of the Mahila Chetna Samiti Sangathan and by Gautam, Sheela, and Rukhsana from the MNREGA Mazdoor Union. The administration has assured resolution of the problem within 15 days. If the problem is not resolved then the workers will protest at the district level.

Hundreds of labourers including Poonam, Kavita, Niti, Subedar, Sona, Ramdular, etc. took part in the protest.

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